उत्तराखंड के प्रमुख केंद्रीय संस्थान


1.विवेकानंद पर्वतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (VPKAS)

  • स्थान – अल्मोड़ा (कटारमल के पास)
  • स्थापना – 4 जुलाई 1924
    मुख्य तथ्य
  • इसकी स्थापना वैज्ञानिक डॉ. बोशी सेन ने की थी।
  • प्रारम्भ में इसे विवेकानंद लेबोरेटरी कहा जाता था।
  • 1936 में इसे अल्मोड़ा स्थानांतरित किया गया।
  • 1974 में इसका नाम विवेकानंद पर्वतीय कृषि अनुसंधान संस्थान रखा गया।
  • यह भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) की पर्वतीय कृषि अनुसंधान इकाई है।
    कार्य
  • पर्वतीय कृषि तकनीक का विकास
  • पर्वतीय क्षेत्रों के लिए नई फसल किस्मों का विकास

2.भारतीय सर्वेक्षण विभाग (Survey of India)

  • स्थापना – 1767
  • मुख्यालय – देहरादून
    मुख्य तथ्य
  • भारत में मानचित्र निर्माण का सबसे पुराना सरकारी विभाग है।
  • इसका कार्य देश के भू-भाग का वैज्ञानिक सर्वेक्षण करना है।
  • भारत का पहला आधिकारिक मानचित्र इसी विभाग द्वारा तैयार किया गया।
    महत्वपूर्ण उपलब्धि
  • 1852 में इस विभाग के सर्वेक्षक राधानाथ सिकदर ने पहली बार माउंट एवरेस्ट की ऊँचाई की गणना की।

3 भारतीय सैन्य अकादमी (IMA)

  • स्थान – देहरादून
  • स्थापना – 1 अक्टूबर 1932
    मुख्य तथ्य
  • इसका औपचारिक उद्घाटन 10 दिसंबर 1932 को हुआ।
  • इसके संस्थापक कमांडेंट सर फिलिप चेतवुड थे।
  • IMA का आदर्श वाक्य है –
    “वीरता और विवेक” (Valour and Wisdom)
    महत्वपूर्ण तथ्य
  • भारत के पहले फील्ड मार्शल सैम मानेकशॉ इसी अकादमी के कैडेट रहे।
  • यहाँ से प्रशिक्षण लेकर अधिकारी भारतीय सेना में नियुक्त होते हैं।

4.फॉरेस्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट (FRI)

  • स्थान – देहरादून
  • स्थापना – 1906
    मुख्य तथ्य
  • भारत का प्रमुख वन अनुसंधान संस्थान है।
  • यह संस्था वन संरक्षण, वन प्रबंधन और वन विज्ञान से संबंधित अनुसंधान करती है।
  • यहाँ स्थित वन संग्रहालय (Forest Museum) अत्यंत प्रसिद्ध है।
    विशेष तथ्य
  • FRI की भव्य इमारत का निर्माण 1929 में हुआ था।
  • इसका वास्तुशिल्प डिजाइन प्रसिद्ध वास्तुकार सी.जी. ब्लोमफील्ड ने बनाया था।

5. वाडिया इंस्टीट्यूट ऑफ हिमालयन जियोलॉजी

  • स्थान – देहरादून
  • स्थापना – 1968
    मुख्य तथ्य
  • यह संस्थान हिमालयी भूविज्ञान के अध्ययन के लिए प्रसिद्ध है।
  • इसका नाम प्रसिद्ध भूवैज्ञानिक डी.एन. वाडिया के सम्मान में रखा गया है।
  • यहाँ हिमालय की संरचना, भूकंप और भूगर्भीय प्रक्रियाओं का अध्ययन किया जाता है।

6.नेहरू पर्वतारोहण संस्थान (NIM)

  • स्थान – उत्तरकाशी
  • स्थापना – 14 नवम्बर 1965
    मुख्य तथ्य
  • यह भारत का प्रमुख पर्वतारोहण प्रशिक्षण संस्थान है।
  • इसका नाम भारत के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के सम्मान में रखा गया।
    कार्य
  • पर्वतारोहण प्रशिक्षण
  • साहसिक खेल प्रशिक्षण
  • हिमालयी अभियानों की तैयारी

परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य

  • IMA – देहरादून
  • FRI – देहरादून
  • Survey of India – मुख्यालय देहरादून
  • VPKAS – अल्मोड़ा
  • Wadia Institute – देहरादून
  • NIM – उत्तरकाशी

गढ़वाल क्षेत्र के प्रमुख ताल

1. सहस्त्र ताल

जिला: टिहरी गढ़वाल

प्रकार: प्राकृतिक पर्वतीय झीलों का समूह

निकटवर्ती क्षेत्र: भिलंगना घाटी

निर्माण: हिमनदीय गतिविधियाँ व morainic अवरोध

विशेषता: गढ़वाल का सबसे बड़ा झील समूह

Wetland: High-altitude natural wetland

2. रूपकुंड

जिला: चमोली

निकटवर्ती क्षेत्र: बेदनी बुग्याल मार्ग

प्रकार: हिमनदीय झील

निर्माण: हिमनद पिघलाव

विशेषता: मानव कंकाल (वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित)

Wetland: High-altitude glacial wetland

3. देवरियाताल

जिला: रुद्रप्रयाग

निकटवर्ती स्थान: सारी गाँव

प्रकार: प्राकृतिक मीठे पानी की झील

निर्माण: भू-स्खलन अवरोध झील

विशेषता: चौखंबा पर्वत का प्रतिबिंब

Wetland: State-level natural wetland

4. नचिकेता ताल

जिला: उत्तरकाशी

निकटवर्ती क्षेत्र: चौरंगीधार

प्रकार: प्राकृतिक पर्वतीय झील

निर्माण: भू-स्खलन व वर्षा-जल संचयन

Wetland: High-altitude freshwater wetland

जिला: चमोली निकटवर्ती स्थान: घांघरिया

प्रकार: हिमनदीय झील

5. हेमकुंड साहिब (लोकपाल ताल)

निर्माण: हिमनद पिघलाव

विशेषता: सात पर्वत शिखरों से घिरी

Wetland: High-altitude glacial wetland

6. सतोपंथ ताल

जिला: चमोली

निकटवर्ती क्षेत्र: बद्रीनाथ

प्रकार: हिमनदीय झील

निर्माण: हिमनद पिघलाव

विशेषता: त्रिकोणीय आकार

Wetland: High-altitude glacial wetland

7. डोडीताल

जिला: उत्तरकाशी

निकटवर्ती क्षेत्र: अगोड़ा

प्रकार: प्राकृतिक मीठे पानी की झील

निर्माण: भू-स्खलन व वर्षा-जल

विशेषता: अस्सी गंगा नदी का उद्गम

Wetland: High-altitude freshwater wetland

8. केदारताल ★जिला: उत्तरकाशी

निकटवर्ती क्षेत्र: गंगोत्री, थलैसागर

प्रकार: हिमनदीय झील

निर्माण: हिमनद पिघलाव

हिमनद स्रोत: केदार बामक (Kedar Bamak) हिमनद

नदी तंत्र: भागीरथी★ Confusion Clear:केदारताल ≠ केदारनाथ हिमनद केदारनाथ हिमनद → मंदाकिनी तंत्र

Wetland: High-altitude glacial wetland

9. मसूरताल

जिला: टिहरी गढ़वाल

निकटवर्ती क्षेत्र: खत्तलिंग हिमनद क्षेत्र

प्रकार: हिमनदीय झील

निर्माण: खत्तलिंग हिमनद पिघलाव

नदी तंत्र: भागीरथी

Wetland: High-altitude glacial wetland

10. अप्सराताल

जिला: टिहरी गढ़वाल

निकटवर्ती क्षेत्र: बूढ़ा केदार

प्रकार: प्राकृतिक पर्वतीय झील

निर्माण: भू-स्खलन अवरोध

Wetland: High-altitude freshwater wetland

उत्तराखंड के नेशनल पार्क, वन्यजीव अभयारण्य व रामसर साइट…

1.National Park (राष्ट्रीय उद्यान) वह प्राकृतिक क्षेत्र है जिसे सरकार द्वारा वन्य जीव (Flora एवं Fauna), उनके प्राकृतिक आवास तथा सम्पूर्ण पारिस्थितिकी तंत्र (Ecosystem) के संरक्षण के उद्देश्य से अधिसूचित किया जाता है। इन क्षेत्रों में मानव गतिविधियाँ लगभग पूर्णतः प्रतिबंधित होती हैं तथा केवल वैज्ञानिक अनुसंधान और नियंत्रित पर्यटन की अनुमति दी जाती है।


    2.Wildlife Sanctuary (वन्यजीव अभयारण्य)
    Wildlife Sanctuary (वन्यजीव अभयारण्य) वह संरक्षित क्षेत्र है जिसे मुख्य रूप से वन्य प्राणियों की सुरक्षा और संरक्षण के लिए घोषित किया जाता है। यहाँ National Park की तुलना में नियम अपेक्षाकृत लचीले होते हैं तथा सीमित मानव गतिविधियाँ सरकारी अनुमति के अंतर्गत संभव होती हैं।


    3. Ramsar Site (रामसर स्थल)
    Ramsar Site (रामसर स्थल) वे आर्द्रभूमियाँ (Wetlands) होती हैं जिन्हें 1971 की Ramsar Convention के अंतर्गत अंतरराष्ट्रीय महत्व का दर्जा प्रदान किया गया हो, ताकि जल पक्षियों, जैव विविधता, जल संरक्षण तथा पारिस्थितिक संतुलन को सुरक्षित रखा जा सके।